कौन हैं बाघ जैसी आंखों वाली पप्पू देवी, 20 साल पुरानी फोटो वायरल; बेटी भी कम नहीं

पप्पू देवी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। बाघ जैसी आंखों वाली पप्पू देवी की फोटो करीब 20 साल बाद वायरल हो रही है। दिलचस्प बात यह है पप्पू देवी की बेटी की आंखें भी बिल्कुल मां पर ही गई हैं। अब लोग उसकी तस्वीरें देखकर भी हैरान हो रहे हैं।

अमन सिन्हा
अमन सिन्हा
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कौन हैं बाघ जैसी आंखों वाली पप्पू देवी, 20 साल पुरानी फोटो वायरल; बेटी भी कम नहीं

पप्पू देवी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। बाघ जैसी आंखों वाली पप्पू देवी की फोटो करीब 20 साल बाद वायरल हो रही है। दिलचस्प बात यह है पप्पू देवी की बेटी की आंखें भी बिल्कुल मां पर ही गई हैं। अब लोग उसकी तस्वीरें देखकर भी हैरान हो रहे हैं। इंस्टाग्राम पर हिस्टोरिक पेज पर मां-बेटी की तस्वीरें पोस्ट की गई हैं। पप्पू देवी राजस्थान की हैं और उनकी बाघ जैसी आंखों वाली तस्वीर पुष्कर कैमल फेयर में ली गई थी। अपनी इन आंखों की बदौलत पप्पू देवी को बड़ी पहचान मिली और उनसे मिलने लोग आते रहे।

पुष्कर मेले की तस्वीर
पप्पू देवी की यह फोटो 20 साल से अधिक समय पूर्व पुष्कर मेले में ली गई थी। बाद में यह तस्वीर पोस्टकार्ड्स पर छपी और खूब बिकी। नतीजा यह हुआ कि पप्पू देवी भी खूब मशहूर हुईं। बाद के दिनों में लोग पुष्कर मेले में आते तो बिना नाम पूछे ही पप्पू देवी को पहचान जाते। हालांकि तस्वीरें वायरल होने से पप्पू देवी के जीवन पर बहुत फर्क नहीं पड़ा। वह पुष्कर में ही रहीं और साधारण ढंग से जीवन जीती रहीं। आज वह छोटा स्टॉल चलाती हैं, जिस पर हाथ से बने बैग और सॉविनियर्स बेचती हैं।

आज भी चौंक जाते हैं टूरिस्ट
कई बार टूरिस्ट उनकी दुकान पर आते हैं और अचानक उनकी आंखें देखकर चौंक जाते हैं। तब उन्हें एहसास होता है कि उन्होंने पप्पू देवी का चेहरा पहले भी कहीं देखा है। इतना ही नहीं, यहां आने वाले पप्पू देवी की बेटी की आंखें देखकर भी हैरान रह जाते हैं। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि बेटी की आंखें पूरी तरह से अपनी मां को पड़ी हैं। इस तरह वह भी मेले में आने वालों को अपनी तरफ खींच रही है।

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अमन सिन्हा

अमन सिन्हा reporter

अमन सिन्हा एक समर्पित हिंदी पत्रकार और वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे पिछले 16 वर्षों से अपराध, जांच और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग कर रहे हैं। प्रमुख हिंदी चैनलों, वेबसाइटों और अखबारों जैसे भास्कर में उनके लेख प्रकाशित हो चुके हैं। निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना उनका मूल मंत्र है। समाज के कमजोर वर्गों की आवाज़ को बुलंद करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य लक्ष्य है।

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